फूल देई, छम्मा देई (Phool Dei, Chamma Dei Geet)

उत्तराखंड के कुमाऊं एवं गढ़वाल में फुलारी बच्चों द्वारा घर की खुशहाली तथा सुख सम्रद्धि के लिए गाया जाने वाला गीत।

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥


बार मेना में आ रेचो त्यार

नंतिना अर्ना देहि


फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥


फूली बिरुडी आड़ू खुमानी

बुराशी फूली उची दानी

फूली बिरुडी आड़ू खुमानी

बुराशी फूली उची दानी

पेली टायर पंचमी की आलो

लग्लो चेत फागुन झालो


फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥


चैत को मैण, एक पैट,

चेली को सुर पराण मैत

चैत को मैण, एक पैट,

चेली को सुर पराण मैत

फुल खज़ भेटोली आली

रंगलो लगी गो चे चेट


फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥


नंदिनो की फुलो की थाई

गा ओमिजी आरे फुलो दीवाई

नंदिनो की फुलो की थाई

गा ओमिजी आरे फुलो दीवाई

छाव भारी थाई हरनेने

हाथ मुझे लेरे गुड के ढी


फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥

फूल देई, छम्मा देई ।

जतुके दियाला, उतुके सई ॥


........................................................................................................
राम तुम्हारा नाम (Ram Tumhara Naam)

राम तुम्हारा नाम
सुखों का सार हुआ

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है (Hanuman Teri Kirpa Ka Bhandara Chal Raha Hai)

हनुमान तेरी कृपा का भंडारा चल रहा है,
हर और घना अँधेरा मेरा दीप जल रहा है,

महर्षि वाल्मीकि जयंती 2024: की कथा, तिथि

वाल्मीकि जयंती अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इसे शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी: भजन (Aaj Ashtami Ki Pooja Karwaongi)

आज अष्टमी की पूजा करवाउंगी,
ज्योत मैया जी की पावन जगाउंगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।