आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया (Aaj Mithila Nagariya Nihar Sakhiya)

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया,

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!


शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा,

कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा,


लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!


श्यामल-श्यामल, गोरे- गोरे, जोड़ीया जहान रे,

अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे


जुगे जुगे, जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!


गगन मगन आजु, मगन धरतिया,

देखि देखि दुलहा जी के, साँवर सुरतिया,


बाल वृद्ध, नर-नारी, सब बेहाल सखिया

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!


जेकरा लागी जोगी मुनि, जप तप कईले,

से मोरा मिथिला में पाहुन बन के अईले


आजु लोढ़ा से सेदाई इनके गाल सखिया..

चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!

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जब जब भी तेरा प्रेमी आंसू कहीं बहाए(Jab Jab Bhi Tera Premi Aansu Kahin Bahaye)

जब जब भी तेरा प्रेमी,
आंसू कहीं बहाए,

माँगा है मैने मैया से, वरदान एक ही(Manga Hai Maine Maiya Se Vardaan Ek Hi)

माँगा है मैने मैया से,
वरदान एक ही,

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी (Banke Bihari Krishan Murari)

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे,
दर्शन दीजो शरण में लीजो,

दर्श अमावस्या क्यों मनाई जाती है?

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अमावस्या पितरों की शांति और पूजा-पाठ के लिए समर्पित है।

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