किस विधि वंदन करू तिहारो(Kis Vidhi Vandan Karun Tiharo Aughardani)

किस विधि वंदन करू तिहारो,

औघड़दानी त्रिपुरारी

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥


नयन तीन उपवीत भुजंगा,

शशि ललाट सोहे सिर गंगा

मुंड माल गल बिच विराजत,

महिमा है भारी ।

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥ 1 ॥


कर में डमरू त्रिशुल तिहारे,

कटी में हर वाघंबर धारे

उमा सहित हीम शैल विराजत,

शोभा है न्यारी ।

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥ 2 ॥


पल में प्रभु तुम प्रलयंकर,

पर प्रभो सदय उभयंकर

ऋषी मुनि भेद न पाये तिहारो,

हम तो है संसारी ।

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥ 3 ॥


अगम निगम तब भेद न जाने,

ब्रम्हा विष्णु सदा शिव माने

देवो के ओ महादेव अब,

रक्षा करो हमारी ।

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥ 4 ॥


किस विधि वंदन करू तिहारो,

औघड़दानी त्रिपुरारी

बलिहारी - बलिहारी

जय महेश बलिहारी ॥

........................................................................................................
मैया बधाईं है बधाईं है (Maiya Badhai Hai Badhai Hai)

मैया बधाई है बधाई है,
बाबा बधाई है बधाई है,

गणेश जयंती के उपाय

प्रत्येक वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जयंती मनाई जाती है। इसे विनायक जयंती अथवा वरद जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

लाल ध्वजा लहराये रे, मैया तोरी ऊंची पहड़ियान (Lal Dhwaja Lahraye Re Maiya Teri Unchi Pahadiya)

लाल ध्वजा लहराये रे,
मैया तोरी ऊंची पहड़िया ॥

बाबा मुझे दर्शन दें महाकाल (Baba Mujhe Darshan De Mahakal)

मैं आया उज्जैन महाकाल,
बाबा मुझे दर्शन दे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने