माँ अंजनी का प्यारा लाल(Maa Anjani Ka Pyara Lal)

माँ अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल,

जो भी ध्यान लगाए दिल से,

जो भी ध्यान लगाए दिल से,

देता है संकट को टाल,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥


भोले का अवतार है बजरंग,

वीरों का सरदार है बजरंग,

भक्तों के खातिर दौड़ा आए,

भक्तों के खातिर दौड़ा आए,

और दुष्टों का ये है काल,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥


श्री राम की आज्ञा पाकर,

ललकारे ये लंका जाकर,

अक्षय को मारे पटक पटक कर,

अक्षय को मारे पटक पटक कर,

रूप धरा कैसा विकराल,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥


जब अहिरावण ने छल करके,

लाया राम लखन को हर के,

रूप देवी का पहुँचे धर के,

रूप देवी का पहुँचे धर के,

पंचमुखी हनुमत पाताल,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥


अद्भुत माया है हनुमत की,

रेखा बदले ये किस्मत की,

‘लख्खा’ बात बताए सच्ची,

‘लख्खा’ बात बताए सच्ची,

ध्यान लगा ले ओ ‘राजपाल’,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥


माँ अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल,

जो भी ध्यान लगाए दिल से,

जो भी ध्यान लगाए दिल से,

देता है संकट को टाल,

मां अंजनी का प्यारा लाल,

घोटा हाथ लंगोटा लाल ॥

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भादी मावस है आई(Bhadi Mawas Hain Aai)

भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,

ब्रज होली की पौराणिक कथा

होली का नाम सुनते ही हमारे मन में रंगों की खुशबू, उत्साह और व्यंजनों की खुशबू बस जाती है। यह भारत के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, लेकिन इसकी उत्पत्ति के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है। हालांकि, होली से जुड़ी कई किंवदंतियां हैं।

काल भैरव जयंती पर क्या दान करें?

मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाई जाने वाली काल भैरव जयंती भगवान शिव के पांचवें रूद्र अवतार काल भैरव की उपासना का दिन है।

गुरु दक्षिणा पूजा विधि

गुरु दक्षिणा की परंपरा हिंदू संस्कृति में प्राचीन काल से चली आ रही है। किसी भी व्यक्ति की सफलता में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए, इस पूजा के जरिए हम अपने गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

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