माँ अंजनी के लाला मेरा, एक काम कर दे(Maa Anjani Ke Lala Mera Ek Kaam Kar De)

माँ अंजनी के लाला मेरा,

एक काम कर दे,

सुबह सुबह की बालाजी,

मेरी राम राम लेले ॥


सुबह सुबह की राम राम ये,

जीवन संवार देती है,

एक नजर प्रभु राम जी की,

भव से उतार देती है,

नैया मेरी बाबा राम हवाले तू करदे,

सुबह सुबह की बालाजी,

मेरी राम राम लेले ॥


राम नाम का प्याला पीके,

धन्य तुम्हारे भाग हुए,

साथ में लेलो हमको भी,

अब हम तो हैं लाचार हुए,

मेरे दिल के कागज पर तू राम नाम लिखदे,

सुबह सुबह की बालाजी,

मेरी राम राम लेले ॥


राम राम के जप ने तुमको,

बना दिया मस्ताना है,

राम को मेरी अर्जी दे,

कहे ‘कुर्मी अमन’ दिवाना है,

‘कैलाश’ तेरा दीवाना है,

‘केशव शर्मा’ को चरणों में राम के तू करदे,

सुबह सुबह की बालाजी,

मेरी राम राम लेले ॥


माँ अंजनी के लाला मेरा,

एक काम कर दे,

सुबह सुबह की बालाजी,

मेरी राम राम लेले ॥

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कब है माघ पूर्णिमा व्रत

सनातन हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भक्त भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। जिससे उनका जीवन खुशहाल होता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए व्रत भी किया जाता है।

भगवान राम और माता शबरी की भेंट

माता शबरी रामायण की एक महत्वपूर्ण पात्र हैं, जिन्होंने भगवान राम की भक्ति में अपना जीवन समर्पित किया था। शबरी ने भगवान राम और माता सीता की प्रतीक्षा में वर्षों तक वन में निवास किया था।

भारत में होली के अलग-अलग रंग

बरसाना और नंदगांव की होली विश्व प्रसिद्ध है और इसे देखने के लिए हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। यह होली श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम कथा से जुड़ी हुई है। बरसाना में महिलाएं पुरुषों पर प्रेमपूर्वक लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल लेकर खुद को बचाने का प्रयास करते हैं।

मोक्षदा एकादशी पर दुर्लभ संयोग

हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इस वर्ष 11 दिसंबर 2024 को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गीता जयंती का भी पर्व होता है।

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