माँ शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे(Maa Sharda Bhawani Bethi Hai Dekho Kaise)

माँ शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे,

मैया सजी है ऐसे,

दुल्हन बनी हो जैसे,

मां शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे ॥


हाथो में चूड़ी चमके,

माथे में बिंदियां दमके,

कानो में बाली लटके,

बालो में गजरा महके,

लहराए केश ऐसे,

काली घटा के जैसे,

मैया सजी है ऐसे,

दुल्हन बनी हो जैसे,

मां शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे ॥


हीरो जड़ी है नथनी,

सोने की पहने ककनी,

पाओ में पहने मुंदरी,

ओढे है लाल चुनरी,

चेहरा चमक रहा है,

पूनम के चाँद जैसे,

मैया सजी है ऐसे,

दुल्हन बनी हो जैसे,

मां शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे ॥


पाओ में है महावल,

पायल है घुंघरू वाली,

आंखे है काली काली,

होठो पे लाल लाली,

माँ के नयन है ऐसे,

खिलते कमल हो जैसे,

मैया सजी है ऐसे,

दुल्हन बनी हो जैसे,

मां शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे ॥


माँ शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे,

मैया सजी है ऐसे,

दुल्हन बनी हो जैसे,

मां शारदा भवानी,

बैठी है देखो कैसे ॥

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वो लाल लंगोटे वाला, माता अंजनी का लाला (Vo Lal Langote Wala Mata Anjani Ka Lala)

वो लाल लंगोटे वाला,
माता अंजनी का लाला,

16 सोमवार व्रत कथा (16 Somavaar Vrat Katha)

एक समय श्री महादेवजी पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए। वहां के राजा ने शिव मंदिर बनवाया था, जो कि अत्यंत भव्य एवं रमणीक तथा मन को शांति पहुंचाने वाला था। भ्रमण करते सम शिव-पार्वती भी वहां ठहर गए।

शनिवार व्रत कथा और महत्व

सनातन हिंदू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। शनिदेव को बहुत जल्दी क्रोध आता है, और इनके क्रोध से सभी बचने की कोशिश करते हैं। माना जाता है कि इनके क्रोध से व्यक्ति पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है।

नवरात्रों की आई है बहार (Navratro Ki Aayi Hai Bahar)

नवरात्रों की आई है बहार,
जयकारे गूंजे मैया के,

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