महाकाल गंगाधर मेरे (Mahakal Gangadhar Mere)

अब कोई ना सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥


तूने लाखों पापी तारे है,

नहीं गुण और दोष विचारे है,

मैं भी आन पड़ा दर तेरे,

मैं भी आन पड़ा दर तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे,

अब कोईं न सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥


विषयो के जाल में फसकर के,

झूठी उल्फत में धंसकर के,

दुःख पाए नाथ घनेरे,

दुःख पाए नाथ घनेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे,

अब कोईं न सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥


तू दीन बंधू हितकारी है,

हम दुखिया शरण तिहारी है,

हम दीन हिन है तेरे,

हम दीन हिन है तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे,

अब कोईं न सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥


भक्त तेरी शरण में आया है,

आके चरणों में शीश झुकाया है,

काटो जनम मरण के फेरे,

काटो जनम मरण के फेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे,

अब कोईं न सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥


अब कोई ना सहारा बिन तेरे,

महाकाल गंगाधर मेरे ॥

........................................................................................................
छोटी सी कुटिया है मेरी, बालाजी तुम आ जाना (Choti Si Kutiya Hai Meri Balaji Tum Aa Jana)

छोटी सी कुटिया है मेरी,
बालाजी तुम आ जाना,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो (Mere Ghanshyam Se Tum Mila Do)

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,
मैं हूँ उनका यार पुराना,

मार्च में मासिक कार्तिगाई कब मनाई जाएगी

मासिक कार्तिगाई दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो भगवान मुरुगन को समर्पित होता है। यह त्योहार हर महीने कृतिका नक्षत्र के प्रबल होने वाले दिन मनाया जाता है।

लक्ष्मी पंचमी पूजा विधि

लक्ष्मी पंचमी का पर्व विशेष रूप से व्यापारियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विधिवत रूप से माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन, वैभव और समृद्धि प्राप्त होती है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने