मेरे घनश्याम से तुम मिला दो (Mere Ghanshyam Se Tum Mila Do)

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,

मैं हूँ उनका यार पुराना,

उनसे बिछड़े हुआ जमाना,

याद मुझे उनकी आयी है,

अखियाँ मेरी भर आयी है,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दों ॥


नाम मेरा बता दो,

हाल सारा सुना दो,

उनसे कहदो के द्वारे,

सुदामा खड़ा,

इतने में वो तो जान ही लेंगे,

बस मुझको पहचान ही लेंगे,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दों ॥


जाके प्रभु को बताया,

हाल सारा सुनाया,

प्रभु द्वारे पे मिलने,

सुदामा खड़ा,

है वो सूरत से भोला,

मुझसे हक से वो बोला,

वो बताता है नाता,

पुराना बडा,

इतनी सुनकर प्रभु उठ भागे,

नंगे पैरों दौड़न लागे,

मेरा आया है आज यार,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे बालसखा से मिला दो ॥


दुर्दशा जो सुदामा की,

देखे कन्हैया,

तो आंखों से अश्रु,

बरसने लगे,

बिठा अपनी गद्दी पे,

ढाढस बँधाया,

और हाथो से चरणों को,

धोने लगे,

इतने दिन तू क्यों दुख पाया,

क्या तुझको मैं याद ना आया,

तूने दुखाया दिल यार,

लगाले लगाले लगाले सुदामा,

अपने सीने से मुझको लगा ले ॥


मैं हूँ उनका यार पुराना,

उनसे बिछड़े हुआ जमाना,

याद मुझे उनकी आयी है,

अखियाँ मेरी भर आयी है,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो ॥

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मदन गोपाल शरण तेरी आयो (Madan Gopal Sharan Teri Aayo)

मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,

हे जग स्वामी, अंतर्यामी, तेरे सन्मुख आता हूँ (He Jag Swami Anataryami, Tere Sanmukh Aata Hoon)

हे जग स्वामी, अंतर्यामी,
तेरे सन्मुख आता हूँ ।

28 या 29 जनवरी, कब है मौनी अमावस्या?

हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है।

तेरे पूजन को भगवान, बना मन मंदिर आलीशान - भजन (Tere Pujan Ko Bhagwan)

तेरे पूजन को भगवान,
बना मन मंदिर आलीशान ।

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