महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना (Mahakal Meri Manzil Ujjain Hai Thikana)

महाकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना,

मैं गुलाम हूँ भोले का,

मेरे साथ है जमाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


मेरा क्या बिगाड़ लेगा,

जो खिलाफ है जमाना,

मुझे डर नहीं किसी का,

मैं हूँ भोले का दीवाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


पल भर में भोले बाबा,

बिगड़ी को बनाते है,

बिन मांगे भोले बाबा,

वरदान ये देते है,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


महाकाल का दीवाने,

उज्जैन में आते है,

महाकाल के भवन में,

जयकारे लगाते है,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


महाकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना,

मैं गुलाम हूँ भोले का,

मेरे साथ है जमाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


........................................................................................................
फाल्गुन महीना दुर्गा अष्टमी

प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को समर्पित है। इस शुभ तिथि पर जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा-भक्ति की जाती है। साथ ही अष्टमी का व्रत रखा जाता है।

झूम उठा दिल देख नजारा, उस सालासर धाम का(Jhoom Utha Dil Dekho Nazara Us Salasar Dham Ka)

झूम उठा दिल देख नजारा,
उस सालासर धाम का,

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

शिव शंकर भोलेनाथ, तेरा डमरू बाजे पर्वत पे (Shiv Shankar Bholenath Tera Damru Baje Parvat Pe)

शिव शंकर भोलेनाथ,
तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने