महांकाल मेरी मंजिल, उज्जैन है ठिकाना (Mahakal Meri Manzil Ujjain Hai Thikana)

महाकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना,

मैं गुलाम हूँ भोले का,

मेरे साथ है जमाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


मेरा क्या बिगाड़ लेगा,

जो खिलाफ है जमाना,

मुझे डर नहीं किसी का,

मैं हूँ भोले का दीवाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


पल भर में भोले बाबा,

बिगड़ी को बनाते है,

बिन मांगे भोले बाबा,

वरदान ये देते है,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


महाकाल का दीवाने,

उज्जैन में आते है,

महाकाल के भवन में,

जयकारे लगाते है,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


महाकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना,

मैं गुलाम हूँ भोले का,

मेरे साथ है जमाना,

महांकाल मेरी मंजिल,

उज्जैन है ठिकाना ॥


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हे गणनायक जय सुखदायक (Hey Gananayak Jai Sukhdayak)

हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,

वृश्चिक संक्रांति का महत्व

वृश्चिक संक्रांति पौराणिक कथाओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योंहार है। यह हिंदू संस्कृति में सौर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान सूर्य जी की पूजा के लिए विशेष माना होता है। वृश्चिक संक्रांति के समय सूर्य उपासना के साथ ही मंगल ग्रह शांति एवं पूजा करने से मंगल ग्रह की कृपा होती है।

अवध में छाई खुशी की बेला (Avadh Me Chhai Khushi Ki Bela)

अवध में छाई खुशी की बेला,
​अवध में छाई खुशी की बेला,

वैकुंठ द्वारम, तिरूमाला मंदिर

वैकुंठ एकादशी 10 से 19 जनवरी 2025 तक मनाई जाएगी। वैकुंठ एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा बहुत ही शुभ और फलदायी मानी जाती है।

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