मैया के पावन चरणों में (Maiya Ke Pawan Charno Mein)

मैया के पावन चरणों में,

तू सर झुका के देख ले,

देती है वरदान सबको,

तू भी आके देख ले,

मैया के पावन चरणो में,

शेरावाली की जय,

मेहरावाली की जय ॥


माँ तेरे घट घट की जाने,

इसको क्या बतलायेगा,

मांगने की क्या ज़रूरत,

ऐसे ही मिल जाएगा,

भोली भाली मैया को बस,

तू रिझा कर देख ले,

देती है वरदान सबको,

तू भी आके देख ले,

मैया के पावन चरणो में,

शेरावाली की जय,

मेहरावाली की जय ॥


सच्चे भक्तों से मिलने का,

माँ को रहता चाव है,

रोली मोली चुनरी से,

बढ़कर तेरे भाव है,

प्रेम के दो बूँद आंसू,

तो बहकर देख ले,

देती है वरदान सबको,

तू भी आके देख ले,

मैया के पावन चरणो में,

शेरावाली की जय,

मेहरावाली की जय ॥


माँ सदा करती रखवाली,

भक्तों के परिवार की,

सारा जग जाने है महिमा,

मैया के दरबार की,

‘बिन्नू’ मैया दौड़ी आये,

तू बुलाकर देख ले,

देती है वरदान सबको,

तू भी आके देख ले,

मैया के पावन चरणो में,

शेरावाली की जय,

मेहरावाली की जय ॥


मैया के पावन चरणों में,

तू सर झुका के देख ले,

देती है वरदान सबको,

तू भी आके देख ले,

मैया के पावन चरणो में,

शेरावाली की जय,

मेहरावाली की जय ॥

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तेरे दर पे ओ मेरी मईया(Tere Dar Pe O Meri Maiya)

तेरे दर पे ओ मेरी मईया,
तेरे दीवाने आए हैं,

होली क्यों मनाई जाती है

फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है। इस दिन पूरा देश अबीर-गुलाल और रंग में सराबोर रहता है। हर कोई एक-दूसरे पर प्यार के रंग बरसाते हैं। होली के रंगों को प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।

जैसे होली में रंग, रंगो में होली (Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi)

जैसे होली में रंग,
रंगो में होली

जागो पहाड़ावाली तेरा, जागण वेला होया(Jaago Pahada Waali Tera Jagan Vela Hoya)

जागो पहाड़ावाली तेरा,
जागण वेला होया,

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