मन भजले पवनसुत नाम, प्रभु श्री राम जी आएंगे(Man Bhaj Le Pawansut Naam Prabhu Shri Ram Ji Aayenge)

मन भजले पवनसुत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

तेरा बिगड़ा बनाने हर काम,

तेरा बिगड़ा बनाने हर काम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥


स्वामी की भक्ति होती है कैसी,

हनुमत ने जग को दिखाया,

मन को मंदिर सुहाना,

राम को उसमे बिठाया,

तेरी भक्ति बड़ी निष्काम,

तेरी भक्ति बड़ी निष्काम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥


भक्ति बिना जो सुना पड़ा है,

उस घर में दीपक जला ले,

मालिक की किरपा तुझपे रहेगी,

रूठे प्रभु को मना ले,

जाए जीवन की बीती शाम,

जाए जीवन की बीती शाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥


बहता पानी गुजरी जवानी,

लौट के आए कभी ना,

अब भी वक्त है कर ले उपाय,

ये भी क्या जीना है जीना,

दो कौड़ी नहीं तेरा दाम,

दो कौड़ी नहीं तेरा दाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥


चरणों में बहती ज्ञान की गंगा,

‘बबली’ तू डुबकी लगा ले,

जन्म जनम के बंधन से प्यारे,

इक पल में मुक्ति तू पा ले,

यही जीवन का है सार,

यही जीवन का है सार,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥


मन भजले पवनसुत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

तेरा बिगड़ा बनाने हर काम,

तेरा बिगड़ा बनाने हर काम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे,

मन भजले पवन सूत नाम,

प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥

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श्री लड्डू गोपाल चालीसा (Shri Laddu Gopal Chalisa)

श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल |
वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल ||

काल भैरव की कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाती है। इस दिन तंत्र-मंत्र के देवता काल भैरव की पूजा की जाती है, जो भगवान शिव के रौद्र रूप हैं।

धरती गगन में होती है (Dharti Gagan Mein Hoti Hai)

धरती गगन में होती है,
तेरी जय जयकार ॥

भजन बिना चैन ना आये राम (Bhajan Bina Chain Na Aaye Ram)

बैठ के तु पिंजरे में,
पंछी काहे को मुसकाय,

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