मेरे प्रभु राम आये हैं(Mere Prabhu Ram Aye Hain)

राम लक्ष्मण जानकी,

जय बोलो हनुमान

राम लक्ष्मण जानकी,

जय बोलो हनुमान

सिया वर रामचंद्र की जय

प्रभु रामचंद्र की जय


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

अवध मे हो रही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


संग सिया लक्ष्मण को लेकर

अंजनी पुत्र भी आये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


कितने दिनों से बाट निहारूं

मंदिर खूब सजाये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं


ऐसे बसो मन अंतर्मन प्रभुजी

राहों में दीप जलाये हैं


अवध मे होरही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

अवध हे हो रही जय जयकार

मेरे प्रभु राम आये हैं

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बजरंगी बलशाली, तेरा पार ना कोई पाए (Bajrangi Balshali Tera Paar Na Koi Paye)

बजरंगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए,

मैं ढूँढता तुझे था - प्रार्थना (Mai Dhundta Tujhe Tha: Prarthana)

मैं ढूँढता तुझे था, जब कुंज और वन में ।
तू खोजता मुझे था, तब दीन के सदन में ॥

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)

वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है।

जानकी जयंती पर सीता चालीसा का पाठ

हिंदू धर्म में भगवान राम और माता सीता की पूजा बहुत शुभ और कल्याणकारी मानी गई है। देवी सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है, वे जगत जननी मां लक्ष्मी का स्वरूप हैं।

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