मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा(Man Mera Mandir Shiv Meri Pooja)

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

सत्य है ईश्वर,

शिव है जीवन,

सुन्दर यह संसार है ।

तीनो लोक हैं तुझमे,

तेरी माया अपरम्पार है ॥


ॐ नमः शिवाय नमो,

ॐ नमः शिवाय नमो

मन मेरा मंदिर,

शिव मेरी पूजा,

शिव से बड़ा,

नहीं कोई दूजा ।

बोल सत्यम शिवम्,

बोल तू सुंदरम,

मन मेरे शिव की महिमा,

के गुण गए जा ॥


पार्वती जब सीता बन कर,

जय श्री राम के सन्मुख आयी ।

राम ने उनको माता कह कर,

शिव शंकर की महिमा गायी ।

शिव भक्ति में सब कुछ सुझा,

शिव से बढ़कर नहीं कोई दूजा ।

॥ बोल सत्यम शिवम्...॥


तेरी जटा से निकली गंगा,

और गंगा ने भीष्म दिया है ।

तेरे भक्तो की शक्ति ने,

सारे जगत को जीत लिया है ।

तुझको सब देवों ने पूजा,

शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा।

॥ बोल सत्यम शिवम्...॥


मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा,

शिव से बड़ा नहीं कोई दूजा ।

बोल सत्यम शिवम्, बोल तू सुंदरम,

मन मेरे शिव की महिमा के गुण गए जा ॥

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दिसंबर माह के व्रत, त्योहार

दिसंबर माह वर्ष का अंतिम महीना होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस महीने मार्गशीर्ष और पौष के कई व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।

जय गणेश काटो कलेश (Jai Ganesh Kato Kalesh)

विघ्नहरण मंगलकरण,
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मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ (Main To Shiv Hi Shiv Ko Dhyau)

मैं तो शिव ही शिव को ध्याऊँ,
जल से स्नान कराऊँ,

कैसी यह देर लगाई दुर्गे... (Kaisi Yeh Der Lagayi Durge)

कैसी यह देर लगाई दुर्गे, हे मात मेरी हे मात मेरी।
भव सागर में घिरा पड़ा हूँ, काम आदि गृह में घिरा पड़ा हूँ।

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