मेरा बजरंगी हनुमान, बड़ा ही अलबेला है (Mera Bajrangi Hanuman Bada Albela Hai)

मेरा बजरंगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है,

बड़ा अलबेला है,

बड़ा ही अलबेला है,

चाहे कितना बड़ा हो काम,

वो करता अकेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥


भीर पड़ी जब राम पे भारी,

रावण ने हर ली सिया महतारी,

लाए खोज सिया की,

राम का मिटाया झमेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥


अशोक वाटिका में वो ललकारा,

रावण के सैनिकों को भी मारा,

किसी से भी एक भी वार,

गया ना झेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥


लक्ष्मण को जब मूर्छा आई,

विकल हो गए तब रघुराई,

लाए संजीवनी का पर्वत,

उठा के अकेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥


कहे ‘श्याम’ राम का है वह दीवाना,

सिया जी ने इसे पुत्र ही माना,

सियाराम बसें जिस मन में,

वो भी नवेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥


मेरा बजरंगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है,

बड़ा अलबेला है,

बड़ा ही अलबेला है,

चाहे कितना बड़ा हो काम,

वो करता अकेला है,

मेरा बजरँगी हनुमान,

बड़ा ही अलबेला है ॥

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घर आये राम लखन और सीता(Ghar Aaye Ram Lakhan Aur Sita)

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सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी (Saj Dhaj Ke Baithi Hai Maa Laage Sethani)

सज धज के बैठी है माँ,
लागे सेठानी,

भगवान कार्तिकेय के प्रमुख मंदिर

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक चंद्र मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था। इसलिए भक्त हर महीने इस तिथि को उनका जन्मोत्सव मनाते हैं।

विवाह पंचमी के उपाय क्या हैं

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। वहीं इस साल विवाह पंचमी 06 दिसंबर शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

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