मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा (Mere Ghar Aaya Raja Ram Ji Ka Pyara)

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥


आँगन बंगला भवन भयो पावन,

हरिजन बैठे हरिजस गावन,

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥


करूँ दंडवत चरण पखारूँ,

तन मन धन सब उन पर वारुं,

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥


कथा कहे अरु अर्थ विचारे,

आप तरे औरन को तारे,

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥


कहे रैदास मिले निज दासा,

जनम जनम के काटे पासा,

आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥


आज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा,

मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा,

मेरें घर आया राजा राम जी का प्यारा ॥

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विवाह पंचमी के उपाय क्या हैं

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। वहीं इस साल विवाह पंचमी 06 दिसंबर शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

श्री नवग्रह चालीसा (Shri Navgraha Chalisa)

श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय ।
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मौनी अमावस्या क्यों रखा जाता है मौन व्रत

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