मेरे हृदये करो परवेश जी (Mere Hridye Karo Parvesh Ji)

मेरे हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी ॥


श्लोक – पहले गणपति पूज के,

पाछे करिये काज,

विच सभा दे बेठियाँ,

मेरी पत रखियो महाराज ॥


मेरे हृदये करो परवेश जी,

हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


लाल सिंदूर चढ़े गजमुख को,

भक्तो के काटे हर दुःख को,

होवे पूजा देश विदेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


करते मूषक की है सवारी,

चरणे लगती है दुनिया सारी,

मोहे दर्शन दीजो हमेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


सिमरु तुझे सब दुःख मिट जावे,

दास सलीम तेरे गुण गावे,

तेरा पुरण है दरवेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


मेरे हृदये करो परवेश जी,

हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥

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नर्मदा जयंती उपाय

गंगा नदी की तरह ही मां नर्मदा को भी बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। भारत में छोटी-बड़ी 200 से अधिक नदियां हैं, जिसमें पांच बड़ी नदियों में नर्मदा भी एक है। इतना ही नहीं, मान्यता है कि नर्मदा के स्पर्श से ही पाप मिट जाते हैं। इसलिए, प्रतिवर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को नर्मदा जयंती मनाई जाती है।

गाइये गणपति सुबहो शाम(Gaiye Ganpati Subaho Shaam)

गाइये गणपति सुबहो शाम,
मंगलमूर्ति मंगलकारी,

पापमोचनी एकादशी व्रत कथा

पापमोचनी एकादशी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है, और शास्त्रों के अनुसार, इसे पापों से मुक्ति दिलाने वाला बताया गया है।

राम तुम्हारे आने से सुखधाम बना ये जग सारा: भजन (Ram Tumhare Aane Se Sukhdham Bana Ye Jag Sara)

हे राम तुम्हारे आने से सुखधाम बना ये जग सारा,
संपूर्ण सनातन पुलकित है जप जप के राम तेरी माला ॥

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