मेरे हृदये करो परवेश जी (Mere Hridye Karo Parvesh Ji)

मेरे हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी ॥


श्लोक – पहले गणपति पूज के,

पाछे करिये काज,

विच सभा दे बेठियाँ,

मेरी पत रखियो महाराज ॥


मेरे हृदये करो परवेश जी,

हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


लाल सिंदूर चढ़े गजमुख को,

भक्तो के काटे हर दुःख को,

होवे पूजा देश विदेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


करते मूषक की है सवारी,

चरणे लगती है दुनिया सारी,

मोहे दर्शन दीजो हमेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


सिमरु तुझे सब दुःख मिट जावे,

दास सलीम तेरे गुण गावे,

तेरा पुरण है दरवेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥


मेरे हृदये करो परवेश जी,

हृदये करो परवेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

मेरे काटो सकल कलेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी,

तेरी जय जय जय हो गणेश जी ॥

........................................................................................................
अन्नपूर्णा जयंती पर क्या दान करें

सनातन धर्म में अन्नपूर्णा जयंती का दिन मां अन्नपूर्णा को समर्पित किया है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन दान का भी बहुत महत्व होता है। इस दिन दान करना बेहद ही शुभ माना गया है। इस दिन दान पुण्य करने की मान्यता है।

मैया ओढ़ चुनरिया लाल, के बैठी कर सोलह श्रृंगार (Maiya Odh Chunariyan Lal Ke Bethi Kar Solha Shingar)

मैया ओढ़ चुनरिया लाल,
के बैठी कर सोलह श्रृंगार,

सुनते सबकी पुकार जी: भजन (Sunte Sabki Pukar Hanuman Ji)

सुनते सबकी पुकार,
जो भी श्रद्धा और प्रेम से है,

जो राम का नहीं, किसी काम का नहीं (Jo Ram Ka Nahi Kisi Kaam Ki Nahi)

वो नमस्ते दुआ और,
सलाम का नहीं,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।