Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare (मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे)

मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे

भोले बाबा जी की आँखों के तारे

प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना

॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥


तेरी काया कंचन कंचन,

किरणों का है जिसमे बसेरा।

तेरी सूंड सुंडाली मूरत,

तेरी आँखों मे खुशियों का डेरा ।

तेरी महिमा अपरम्पार,

तुझको पूजे ये संसार ।

प्रभु अमृत रस बरसा जाना, आ जाना ।

॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥


प्रभु भजन तुम्हारे गाएं,

सबसे पहले हम तुमको मनाएं ।

धुप दीपो की ज्योति जलाएं,

मन मंदिर मे झांकी सजाएं ।

मेरे भोले भगवान,

दे दो भक्ति का दान ।

प्रभु नैया पार लगा जाना, आ जाना ।

॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥


मेरे विधन विनाशक देवा,

सबसे पहले करें तेरी सेवा ।

सारे जग मे आनंद छाया,

बोलो जय जय गजानंद देवा ।

बाजे सुर और ताल,

तेरा गुण गाये संसार ।

घुंघरू की खनक खनक जाना, आ जाना ।

॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥

........................................................................................................
ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)

वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है।

बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया - भजन (Brij Ke Nandlala Radha Ke Sanwariya)

बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया ।

चैत कृष्ण पापमोचनी एकादशी (Chait Krishna Papamochani Ekadashi)

इतनी कथा सुनकर महाराज युधिष्ठिर बोले हे भगवन् ! आपके श्रीमुख से इन पवित्र कथाओं को सुन मैं कृतकृत्य हो गया।

नैनो मे तेरी ज्योति, सांसो में तेरा नाम(Naino Mein Teri Jyoti Sanso Mein Tera Naam)

नैनो में तेरी ज्योति,
सांसो में तेरा नाम ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।