मेरे उज्जैन के महाकाल(Mere Ujjain Ke Mahakal )

तेरी होवे जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल,

उज्जैन के महाकाल मेरे,

उज्जैन के महाकाल,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल ॥


महाकाल सो नाम नहीं,

और उज्जैन सो कोई धाम,

महाकाल सो नाम नहीं,

और उज्जैन सो कोई धाम,

कर ले मेरे महाकाल की भक्ति,

हो जाए सब काम,

कर ले मेरे महाकाल की भक्ति,

हो जाए सब काम,

उनको कर दे बेड़ा पार,

जो आवे है थारे द्वार,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल ॥


उज्जैन के हो राजा,

मेरे महाकाल सरकार,

उज्जैन के हो राजा,

मेरे महाकाल सरकार,

मुझे दे दो अपनी नौकरी,

मेरे खुल जाए सब भाग,

मुझे दे दो अपनी नौकरी,

मेरे खुल जाएं सब भाग,

यो किशन भगत भी बाबा,

तेरे आयो है दरबार,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल ॥


जिंदगी एक धुआ है भाई,

जाने कहां थम जाएगा,

जिंदगी एक धुआँ है भाई,

जाने कहां थम जाएगा,

आजा मेरे महाकाल की नगरी,

जीवन सफल हो जाएगा,

आजा मेरे महाकाल की नगरी,

जीवन सफल हो जाएगा,

उनको कर दे बेड़ो पार,

बाबा जपे जो थारो नाम,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल ॥


तेरी होवे जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल,

उज्जैन के महाकाल मेरे,

उज्जैन के महाकाल,

तेरी होवें जय जयकार,

मेरे उज्जैन के महाकाल ॥

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मां खजाने बैठी खोल के(Maa Khajane Baithi Khol Ke)

शेरावाली माँ खजाने बैठी खोल के,
जोतावाली माँ खजाने बैठी खोल के,

श्री महालक्ष्मी व्रत कथा

(यह व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आरम्भ करके आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को समापन किया जाता है।)

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा (Prabhu Soch Lo Jag Tumhe Kya Kahega)

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा,
अगर तेरा प्रेमी दुखड़े सहेगा,

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली (Odh Chunariya Maiya Lal Chali)

ओढ़ चुनरियाँ मैया लाल चली,
सिंघ सवारी पे है लगती भली ॥

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