मेरी बालाजी सुनेंगे फरियाद(Meri Balaji Sunenge Fariyad)

मेरी बालाजी सुनेंगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

अब होगी नैया पार,

अब बनेंगे सारे काम,

अब मौज बहारें साल,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

मेरी बालाजी सुनेगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे ॥


पार लगावे सबको बाबा,

बाब सबके भाग्य विधाता,

अब कृपा दृष्टि साथ,

अब है चरणों की आस,

श्री राम दुलारे साथ,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

मेरी बालाजी सुनेगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे ॥


आस है हमको बाबा तेरी,

श्री राम के प्यारे सुनलो मेरी,

सुनो ‘सचिन’ की ये अरदास,

मेरी पूरी करदो आस,

तुम भक्तों के हर दम साथ,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

मेरी बालाजी सुनेगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे ॥


मेरी बालाजी सुनेंगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

अब होगी नैया पार,

अब बनेंगे सारे काम,

अब मौज बहारें साल,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे,

मेरी बालाजी सुनेगे फरियाद,

बालाजी ज़रूर सुनेंगे ॥

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भगवान राम और माता शबरी के बीच का संवाद

जब बरसों के इंतजार के बाद श्रीराम शबरी की कुटिया में पहुंचे, तो उनके बीच एक अनोखा संवाद हुआ।

दिखाऊं कोनी लाड़लो, नजर लग जाए(Dikhao Koni Ladlo Najar Lag Jaaye)

दिखाऊं कोनी लाड़लो,
नजर लग जाए,

शिव ताण्डव स्तोत्रम् (Shiv Tandav Stotram)

जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।

बसंत पंचमी पर महाकुंभ का स्नान क्यों है खास?

महाकुंभ जो कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है इस बार बसंत पंचमी पर विशेष रूप से खास होने वाला है। इस दिन महाकुंभ में तीसरा अमृत स्नान होना तय हुआ है जो कि त्रिवेणी संगम में होगा।

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