मेरी विनती यही है! राधा रानी(Meri Binti Yahi Hai Radha Rani)

मेरी विनती यही है राधा रानी

कृपा बरसाए रखना

हे कृपा बरसाए रखना

॥ हे महारानी कृपा बरसाए...॥


मेरी विनती यही है राधा रानी...

हो मुझे तेरा ही सहारा महारानी

चरणो से लिपटाये रखना,

कृपा बरसाए रखना

॥ हे महा रानी कृपा बरसाए...॥


छोड़ दुनिया के झूठे नाते सारे

किशोरी तेरे दर पे आ गया,

कृपा बरसाए रखना

॥ हे महा रानी कृपा बरसाए..॥


मैंने तुमको पुकारा बृजरानी

जग से बचाये रखना,

कृपा बरसाए रखना

॥ हे महा रानी कृपा बरसाए..॥

श्री राधे, श्री राधे, श्री राधे

श्री राधे, श्री राधे, श्री राधे


इन सासों की माला में

सदा ही तेरा नाम सिमरूँ

लगी लगन श्री राधा नाम वाली

लगन ये लगाये रखना,

कृपा बरसाए रखना

॥ हे महा रानी कृपा बरसाए...॥

श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा

श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा


तेरे नाम के रंग में रंग के

मैं डोलूँ बृजगलियन में

हे राधा रानी हे महा रानी

कहें चित्र विचित्र श्यामा प्यारी

वृंदावन बसाये रखना,

कृपा बरसाए रखना

॥ हे महा रानी कृपा बरसाए...॥

श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा

श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा

........................................................................................................
विवाह पंचमी के उपाय क्या हैं

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। वहीं इस साल विवाह पंचमी 06 दिसंबर शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

सुखी दांपत्य जीवन के 5 उपाय

साल के आखिरी माह यानी दिसंबर की शुरुआत हो चुकी है, और यह माह कई पवित्र व्रत-त्योहारों से भरा है। इनमें विवाह पंचमी का विशेष महत्व है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाई जाती है। हिंदू धर्म में राम-सीता की जोड़ी को आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक माना गया है।

गणेश जयंती पूजा विधि

सनातन हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान गणेश जी का जन्म माघ महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। इसे श्रीगणेश के अवतरण-दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मौनी अमावस्या पर सपने में पितरों को देखना शुभ या अशुभ?

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है जो पितरों के मोक्ष के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान करने का महत्व है जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनके कष्टों को दूर किया जा सकता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।