मेरो कान्हा गुलाब को फूल (Mero Kanha Gulab Ko Phool)

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥


कान्हा मेरो नन्द जू को छौना

राधे मेरी बृषभानु लली

किशोरी मेरी कुसुम कली ।


मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥


कान्हा मांगे माखन लौना

राधे भावे मिश्री की डली

किशोरी मेरी कुसुम कली ।


मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥


कान्हा खेले नन्द जो के अंगना

राधे खेले रंगीली गली

किशोरी मेरी कुसुम कली ।


मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥


ब्रिज निधि दर्शन की प्यासी

वो तो भटके गली गली

किशोरी मेरी कुसुम कली ।


मेरो कान्हा गुलाब को फूल,

किशोरी मेरी कुसुम कली ॥

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प्रदोष व्रत और इसके प्रकार

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और प्रत्येक वार पर आने वाले प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व और फल है।

चैत्र माह की पौराणिक कथा

नवरात्रि का अर्थ नौ रातें होता है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार साल में दो बार मनाया जाता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा आराधना की जाती है। उनके नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। चैत्र नवरात्र का खास महत्व है।

बजरंगी महाराज, तुम्हे भक्त बुलाते है (Bajrangi Maharaj Tumhe Bhakt Bulate Hai)

बजरंगी महाराज,
तुम्हे भक्त बुलाते है,

लूटूरू महादेव चलो(Lutru Mahadev Chalo)

लूटरू महादेव जय जय,
लुटरू महादेव जी,

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