मुरली बजा के मोहना (Murli Bajake Mohana Kyon Karliya Kinara)

मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥


ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।

मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।

कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।

तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।

पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥

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नारायण कवच (Narayana Kavach)

ॐ हरिर्विदध्यान्मम सर्वरक्षां न्यस्ताङ्घ्रिपद्मः पतगेन्द्रपृष्ठे।

शिव शंकर डमरू धारी, है जग के आधार (Shiv Shankar Damru Dhari Hai Jag Ke Aadhar)

शिव शंकर डमरू धारी,
है जग के आधार,

प्रभु राम का बनके दीवाना (Prabhu Ram Ka Banke Deewana)

प्रभु राम का बनके दीवाना,
छमाछम नाचे वीर हनुमाना,

तू प्यार का सागर है: भजन (Tu Pyar Ka Sagar Hai)

तू प्यार का सागर है,
तेरी एक बूँद के प्यासे हम ।

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