मुरली बजा के मोहना (Murli Bajake Mohana Kyon Karliya Kinara)

मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥


ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।

मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।

कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।

तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।

पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥

॥ मुरली बजा के मोहना...॥


मुरली बजा के मोहना, क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा, व्यवहार है तुम्हारा॥

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राम पे जब जब विपदा आई(Ram Pe Jab Jab Vipada Aai)

राम पे जब जब विपदा आई,
कौन बना रखवाला,

रिद्धि सिद्धि का देव(Riddhi Siddhi Ka Dev Nirala)

रिद्धि सिद्धि का देव निराला,
शिव पार्वती का लाला,

बस इतनी तमन्ना है, श्याम तुम्हे देखूं (Bas Itni Tamanna Hai Shyam Tumhe Dekhun)

बस इतनी तमन्ना है,
बस इतनी तमन्ना है,

दुर्गा कवच पाठ

माता ललिता को दस महाविद्याओं की तीसरी महाविद्या माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन देवी की आराधना करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

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