ओ मैया तेरी रहमतों ने, ये करिश्मा किया (O Maiya Teri Rehmaton Ne ye Karishma Kiya)

ओ मैया तेरी रहमतों ने,

ये करिश्मा किया,

छोटी पड़ गई झोली,

तूने इतना दिया ॥


अपना बनाया,

गले से लगाया,

दे दी हमें अपनी,

ममता की छाया,

ओ मैया बुझने दिया ना,

आस वाला दीया,

छोटी पड़ गई झोली,

तूने इतना दिया ॥


पुकारा तुझे हमने,

जब जिस घड़ी है,

माँ अपने भवनों से,

तू चल पड़ी है,

हमें लड़खड़ाने से,

पहले संभाला,

सदा माँ दुखो के,

भंवर से निकाला,

माँ तेरे हाथ में,

जब मेरा हाथ है,

छू ले मुझको कहाँ,

दुःख की औकात है,

ओ मैया तेरी दया का,

हमने अमृत पिया,

छोटी पड़ गई झोली,

तूने इतना दिया ॥


हाथ तेरा सदा माँ,

सर पे रहे,

सर हमेशा माँ तेरे,

दर पे रहे,

ओ मैया हर साँस हमने,

नाम तेरा लिया,

छोटी पड़ गई झोली,

तूने इतना दिया ॥


ओ मैया तेरी रहमतों ने,

ये करिश्मा किया,

छोटी पड़ गई झोली,

तूने इतना दिया ॥

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मंगल की सेवा सुन मेरी देवाMangal Ki Sewa Sun Meri Deva)

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा,
हाथ जोड तेरे द्वार खडे ।

हे गणपति गजानन, मेरे द्वार तुम पधारो (Hey Ganpati Gajanan Mere Dwar Tum Padharo)

हे गणपति गजानन,
मेरे द्वार तुम पधारो,

अप्रैल 2025 व्रत-त्योहार

अप्रैल का महीना वसंत ऋतु की सुंदरता और त्योहारों की धूमधाम के साथ एक विशेष महत्व रखता है। यह माह प्रकृति के रंग-बिरंगे रूप को दर्शाता है। इस समय कई धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मनाए जाते हैं जो हमारी संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते हैं।

मुकुन्द माधव गोविन्द बोल (Mukund Madhav Govind Bol)

मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।

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