प्रभु हम पे कृपा करना, प्रभु हम पे दया करना (Prabhu Humpe Daya Karna)

प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


गूंजेगे राग बन कर,

वीणा की तार बनके,

प्रगटोगे नाथ मेरे,

ह्रदय में प्यार बनके ।

हर रागिनी की धुन पर,

स्वर बन कर उठा करना,

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


नाचेंगे मोर बनकर,

हे श्याम तेरे द्वारे,

घनश्याम छाए रहना,

बनकर के मेघ कारे ।

बनकर के मेघ कारे ।

अमृत की धार बनकर,

प्यासों पे दया करना,

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


तेरे वियोग में हम,

दिन रात हैं उदासी,

अपनी शरण में लेलो,

हे नाथ ब्रज के वासी ।

हे नाथ ब्रज के वासी ।

तुम सो हम शब्द बन कर,

प्राणों में रमा करना,

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥


प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

प्रभु हम पे कृपा करना,

प्रभु हम पे दया करना ।

बैकुंठ तो यही है,

हृदय में रहा करना ॥

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Shri Baglamukhi Chalisa (श्री बगलामुखी चालीसा)

नमो महाविद्या बरदा , बगलामुखी दयाल।
स्तम्भन क्षण में करे , सुमरित अरिकुल काल।।

विवाह पंचमी पर शादी क्यों नहीं होती ?

मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। आमतौर पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह तिथि नवंबर या दिसंबर के महीने में आती है।

डमक डम डमरू रे बाजे (Damak Dam Damroo Re Baje)

डमक डम डमरू रे बाजे,
चन्द्रमा मस्तक पर साजे,

मीरा दीवानी हो गयी रे (Meera Deewani Ho Gayi Re..)

मीरा दीवानी हो गयी रे, मीरा दीवानी हो गयी ।
मीरा मस्तानी हो गयी रे, मीरा मस्तानी हो गयी ॥

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