रघुवीर को, प्रणाम हमारा कह देना(Raghuvir Ko Pranam Hamara Keh Dena)

ओ जाने वाले रघुवीर को,

प्रणाम हमारा कह देना

प्रणाम हमारा कह देना,

सीताराम हमारा कह देना ॥


श्री राम की माता कौशल्या,

और दशरथ धीरज धारी को,

श्री भरत की माता केकयी को,

प्रणाम हमारा कह देना ॥


श्री भरत शत्रुघ्न भैया को,

और छोटी मात सुमित्रा को,

श्री सीता जनक दुलारी को,

प्रणाम हमारा कह देना ॥


श्री हनुमान बल सुग्रीव को,

और सारी अंगद सेना को,

श्री पूरी अयोध्या नगरी को,

प्रणाम हमारा कह देना ॥


श्री राम चंद्र अवतारी को,

और लक्ष्मण धनुवा धारी को,

श्री लवकुश आज्ञाकारी को,

प्रणाम हमारा कह देना ॥


श्री बल्मीकि रामायण को,

और चारो वेद पुराणों को,

श्री गीता मात कल्याणी को,

प्रणाम हमारा कह देना ॥

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कांवड़ सजा के चालो, सावन ऋतू है आई (Kanwar Saja Ke Chalo Sawan Ritu Hai Aayi)

कांवड़ सजा के चालो,
सावन ऋतू है आई,

फरवरी 2025 में इष्टि कब है

इष्टि यज्ञ वैदिक काल के प्रमुख अनुष्ठानों में से एक है। संस्कृत में ‘इष्टि’ का अर्थ ‘प्राप्ति’ या ‘कामना’ होता है। यह यज्ञ विशेष रूप से मनोकामना पूर्ति और जीवन में समृद्धि लाने के उद्देश्य से किया जाता है।

रंग पंचमी पर किसकी पूजा करें

रंग पंचमी भारत के विभिन्न हिस्सों में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। यह पर्व होली के ठीक पाँच दिन बाद आता है और इस दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है।

भानु सप्तमी कब है ?

भानु सप्तमी एक महत्वपूर्ण तिथि है जो सूर्य देव की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है। इस दिन विशेष रूप से सूर्यदेव की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है।

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