राम सिया राम, सिया राम जय जय राम (Ram Siya Ram Siya Ram Jai Jai Ram)

राम सिया राम सिया राम जय जय राम रामायण चौपाई


राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम,

राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम॥


मंगल भवन अमंगल हारी,

द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


होइ है वही जो राम रच राखा,

को करे तरफ़ बढ़ाए साखा।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


धीरज धरम मित्र अरु नारी,

आपद काल परखिये चारी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू,

सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


जाकी रही भावना जैसी,

प्रभु मूरति देखी तिन तैसी।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता

कहहि सुनहि बहुविधि सब संता।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


रघुकुल रीत सदा चली आई,

प्राण जाए पर वचन न जाई।

॥ राम सिया राम सिया राम...॥


राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम,

राम सिया राम सिया राम,

जय जय राम॥

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आनंद ही आनंद बरस रहा (aanand-hi-aanand-baras-raha)

आनंद ही आनंद बरस रहा
बलिहारी ऐसे सद्गुरु की ।

गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें क्या नहीं

गुड़ी पड़वा का पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो इस साल 30 मार्च को पड़ रहा है।

नैनो में नींद भर आई(Naino Mein Neend Bhar Aayi)

नैनो में नींद भर आई बिहारी जू के,
नैनो में नींद भर आई रमण बिहारी जू के

पौष माह में करें ये उपाय

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह साल का दसवां महीना होता है जो मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद शुरू होता है। वैदिक पंचाग के अनुसार, इस साल पौष माह की शुरुआत 16 दिसंबर से हो चुकी है।

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