सबके दिल में, श्याम की तस्वीर है (Sabke Dil Mein, Shyam Ki Tasveer Hai)

सबके दिल में,

श्याम की तस्वीर है,

कोई धन्ना सेठ,

कोई फकीर है,

दर पे आता वहीं,

जिसकी तकदीर है,

सबके दिल मे,

श्याम की तस्वीर है ॥


करम भले तो दर मिले,

करम बुरे तो ना,

करमो का हिसाब रखें,

सांवरा सलोना,

बांधी कर्मों की ये,

सबको जंजीर है,

सबके दिल मे,

श्याम की तस्वीर है ॥


श्याम का दर गर मिला,

कह लो दिल का हाल,

सांवरे के लाल का,

हो ना बांका बाल,

काटे संकट सभी,

मार एक तीर है,

सबके दिल मे,

श्याम की तस्वीर है ॥


धन दौलत से ना तुले,

तुलसी-दल तुल जाये,

मोरछडी से सांवरा,

हर ताला खुलवाये,

‘बिट्टु’ श्याम मिलन,

की ये तदबीर है,

सबके दिल मे,

श्याम की तस्वीर है ॥


सबके दिल में,

श्याम की तस्वीर है,

कोई धन्ना सेठ,

कोई फकीर है,

दर पे आता वहीं,

जिसकी तकदीर है,

सबके दिल मे,

श्याम की तस्वीर है ॥

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राम नाम के साबुन से जो(Ram Naam Ke Sabun Se Jo)

राम नाम के साबुन से जो,
मन का मेल भगाएगा,

कैला देवी चालीसा (Kaila Devi Chalisa)

जय जय कैला मात हे, तुम्हे नमाउ माथ ॥
शरण पडूं में चरण में, जोडूं दोनों हाथ ॥

मैं लाडली शेरोवाली की: भजन (Main Ladli Sherowali Ki)

मैं कितना अधम हूँ,
ये तुम ही जानो,

क्यों मनाई जाती है गोपाष्टमी, जानिए पूजा विधि

गोपाष्टमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान कृष्ण के गौ-पालन और लीलाओं की याद दिलाता हैं। गोपाष्टमी दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें गोप का अर्थ है "गायों का पालन करने वाला" या "गोपाल" और अष्टमी का अर्थ हैं अष्टमी तिथि या आठवां दिन।

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