शनिवार को कष्ट कटे, मंगल हो मंगलवार(Saniwar Ko Kasht Kate Mangal Ho Mangalwar)

आ जाओ और किरपा पा लो,

हफ्ते में दो बार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

शनिवार को कष्ट कटे,

मंगल हो मंगलवार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार ॥


झूठे रिश्ते झूठे नाते,

झूठी दुनियादारी,

सुख के साथी सब है,

दुःख में ना कोई भागीदारी,

ऐसे वक़्त में मिल जाता है,

जीवन को आधार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार ॥


माया आनी जानी है,

तेरे साथ में कुछ ना जाए,

बजरंगी जो कृपा करें,

तेरी कश्ती पार लगाएं,

छोड़ दे सारी चिंता प्यारे,

चिंता है बेकार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार ॥


नाम है प्यारा बजरंगी का,

जनम सुधारे तेरा,

सुबह शाम तू रट ले प्यारे,

जब जब दुःख ने घेरा,

‘मीतू’ ने जो सपने देखे,

हो गए वो साकार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार ॥


आ जाओ और किरपा पा लो,

हफ्ते में दो बार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

शनिवार को कष्ट कटे,

मंगल हो मंगलवार,

मेरे बजरंगी के द्वार,

मेरे बजरंगी के द्वार ॥

........................................................................................................
फाल्गुन अमावस्या पर महाकुंभ का लाभ कैसे लें?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला अपने अंतिम दिनों में है। 144 साल में बने संयोग में स्नान करने के लिए रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं। इस कारण ट्रेन और बसों में भी बड़ी संख्या में भीड़ देखने मिल रही है।

धारा तो बह रही है (Dhara Too Beh Rahi Hai)

धारा तो बह रही है,
श्री राधा नाम की,

फरवरी 2025 पहला प्रदोष व्रत

साल 2025 के फरवरी माह में प्रदोष व्रत से लेकर महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व हैं। इसलिए, यह महीना भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा के लिए बेहद शुभ है।

आश्विन मास कृष्ण पक्ष की इन्दिरा नाम एकादशी की कथा (Aashvin Maas Krshn Paksh Kee Indira Naam Ekaadashee Kee Katha)

महाराज युधिष्ठिर ने भगवान् कृष्ण से पुनः प्रश्न किया कि भगवन् ! अब आप कृपा कर आश्विन कृष्ण एकादशी का माहात्म्य सुनाइये।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने