शेंरावाली दा चोला सुहा लाल, लाल माँ नु प्यारा लागे (Sherawali Da Chola Suha Lal Lal Maa Nu Pyara Lage)

शेरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


मैया जी दे सिर उते चुनरी है सजदी,

मैया जी दे सिर उते चुनरी है सजदी,

माँ दी चुनरी दा रंग सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे,

शेंरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


मैया जी दे मत्थे उते बिंदिया चमकदी,

मैया जी दे मत्थे उते बिंदिया चमकदी,

माँ दी बिंदिया दा रंग भी है लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे,

शेंरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


मैया जी दे हत्था विच मेहंदी महकदी,

मैया जी दे हत्था विच मेहंदी महकदी,

माँ दी मेहंदी दा रंग गहरा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे,

शेंरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


मैया जी दी बाहि विच चुड़िया खनकती,

माँ दी चूड़ियां दा रंग भी है लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे,

शेंरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


‘संजू बिमला’ तो माँ दा श्रृंगार करदी,

‘संजू बिमला’ तो माँ दा श्रृंगार करदी,

‘राणा’ लिखे गुण बण तेरा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे,

शेंरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥


शेरावाली दा चोला सुहा लाल,

लाल माँ नु प्यारा लागे ॥

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काजल टीको लगवा ले लुन राइ करवा ले - भजन (Kajal Tiko Lagwale Lun Rai Karva Le)

काजल टीको लगवा ले,
लुन राइ करवा ले,

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम(Teri Murli Ki Main Huun Gulaam Mere Albele Shyam)

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥

चलो मम्मी-पापा चलो इक बार ले चलो (Chalo Mummy Papa Ik Baar Le Chalo)

चलो मम्मी चलो पापा चलो मम्मी चलो पापा
चलो मम्मी चलो इक बार ले चलो

इस दिन पड़ेगी साल की आखिरी शिवरात्रि

हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व भगवान शिव को समर्पित है और हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं।

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