तेरे नाम का करम है ये सारा (Tere Naam Ka Karam Hai Ye Sara)

तेरे नाम का करम है ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे रूप का है एक लश्कारा,

जग में है जितना भी नूर ज्योतावालीये,

तेरे नाम का करम हैं ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये ॥


दूर गुफा में बैठे बैठे,

रोज करिश्मे करती है तू,

रोज करिश्मे करती है तू,

मैहरवाली एक नजर से,

सबके दुखड़े हरती है तू,

सबके दुखड़े हरती है तू,

खाली झोली जो लाता है,

उसकी झोली भरती है तू,

उसकी झोली भरती है तू,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे नाम का करम हैं ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये ॥


इस द्वारे की धूल लगाकर,

पापी पावन हो जाते है,

पापी पावन हो जाते है,

काया कंचन हो जाती है,

छिलके चन्दन हो जाते है,

छिलके चन्दन हो जाते है,

तेरी दया हो जाये तो पल में,

रंक भी राजन हो जाते है,

रंक भी राजन हो जाते है,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे नाम का करम हैं ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये ॥

BhaktiBharat Lyrics


तेरे नाम का करम है ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली,

ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे रूप का है एक लश्कारा,

जग में है जितना भी नूर ज्योतावालीये,

तेरे नाम का करम हैं ये सारा,

भक्तो पे छाया है सुरूर शेरावालिये ॥

........................................................................................................
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इन मंत्रों का करें जाप

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। हिन्दू धर्म में यह एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा के लिए समर्पित है।

माघ माह में स्नान का क्या है धार्मिक महत्व

माघ का महीना हिंदू धर्म में पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस महीने में स्नान करने का विशेष महत्व है, जिसे माघ स्नान कहते हैं। मान्यता है कि माघ महीने में देवता पृथ्वी पर आते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।

शिव पुराण में महाशिवरात्रि कथा

हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहते हैं। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है, जिसका विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि का पर्व शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

जिस दिल में आपकी याद रहे(Jis Dil Main Aapki Yaad Rahe)

जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।