तीनो लोको में भोले के जैसा: भजन (Tino Loko Mein Bhole Ke Jaisa)

तीनो लोको में भोले के जैसा ॥


दोहा – बात सदियों से,

मशहूर है ज़माने में,

एक पल लगता है,

महादेव को मनाने में।

जिसने भोला कहा,

भर भर के ले गया झोली,

रखा छुपा के ना,

भोले ने कुछ खजाने में ॥


तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है,

कौन सा भक्त है बात उसकी,

मेरे भोले ने मानी नहीं है,

तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है ॥


बात सच्ची है करना ना शंका,

दे दी रावण को सोने की लंका,

वेद ग्रंथो में लिखा हुआ है,

कोई झूठी कहानी नहीं है,

तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है ॥


फेरी देवों ने जब शिव की माला,

देके अमृत पिया विष का प्याला,

किसको भोले ने क्या क्या दिया है,

बात कोई छुपानी नहीं है,

तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है ॥


पाप धोने थे सारे जहां के,

शिव ने गंगा हमें दे दी लाके,

शिव की करुणा भी इस में मिली है,

गंगा अमृत है पानी नहीं है,

तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है ॥


तीनो लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है,

कौन सा भक्त है बात उसकी,

मेरे भोले ने मानी नहीं है,

तीनों लोको में भोले के जैसा,

दूसरा कोई दानी नहीं है ॥

........................................................................................................
भगवान कार्तिकेय की पूजा किस विधि से करें?

हिंदू धर्म में भगवान कार्तिकेय शिव-शक्ति के ज्येष्ठ पुत्र हैं। उन्हें युद्ध और बुद्धि का देवता कहा जाता है। इतना ही नहीं, भगवान कार्तिकेय को शक्ति और पराक्रम का स्वामी के रूप में भी जाना जाता है।

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा, और रंग ना भाएगा (Bhagwa Rang Chadha Hai Aisa Aur Rang Na Bhayega)

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा,
और रंग ना भाएगा,

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा (Prabhu Soch Lo Jag Tumhe Kya Kahega)

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा,
अगर तेरा प्रेमी दुखड़े सहेगा,

होली पर मां लक्ष्मी की पूजा विधि

होली का हर पल जीवन के लिए एक संदेश लेकर आता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती है। इस साल होली 14 मार्च को मनाई जा रही है। 14 मार्च को शुक्रवार है। शुक्रवार को देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन वैभव लक्ष्मी व्रत भी रखा जाता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।