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जिनके हृदय श्री राम बसे(Jinke Hridey Shri Ram Base)

जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।


कोई मांगे कंचन सी काया,

कोई मांग रहा प्रभु से माया ।

कोई पुण्य करे, कोई दान करे,

कोई दान का रोज बखान करे ।

जिन कन्या धन को दान दियो,

जिन कन्या धन को दान दियो,

उन और को दान दियो ना दियो ॥


जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।


कोई घर में बैठा नमन करे,

कोई हरि मंदिर में भजन करे ।

कोई गंगा यमुना स्नान करे,

कोई काशी जाके ध्यान धरे ।

जिन मात पिता की सेवा की,

जिन मात पिता की सेवा की,

उन तीर्थ स्नान किओ ना किओ ॥


जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।

फूल देई, छम्मा देई (Phool Dei, Chamma Dei Geet)

फूल देई, छम्मा देई ।
जतुके दियाला, उतुके सई ॥

बजरंगी सरकार, द्वार तेरे आए (Bajrangi Sarkar, Dwar Tere Aaye)

बजरंगी सरकार,
द्वार तेरे आए,

बनवारी रे! जीने का सहारा तेरा नाम रे (Banwari Re Jeene Ka Sahara Tera Naam Re)

बनवारी रे,
जीने का सहारा तेरा नाम रे,

नवरात्री वृत कथा (Navratri Vrat Katha)

माँ दुर्गाकी नव शक्तियोंका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणीका है। यहाँ श्ब्राश् शब्दका अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तपकी चारिणी-तपका आचरण करनेवाली। कहा भी है वेदस्तत्वं तपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप श्ब्राश् शब्दक अर्थ हैं।