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जिनके हृदय श्री राम बसे(Jinke Hridey Shri Ram Base)

जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।


कोई मांगे कंचन सी काया,

कोई मांग रहा प्रभु से माया ।

कोई पुण्य करे, कोई दान करे,

कोई दान का रोज बखान करे ।

जिन कन्या धन को दान दियो,

जिन कन्या धन को दान दियो,

उन और को दान दियो ना दियो ॥


जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।


कोई घर में बैठा नमन करे,

कोई हरि मंदिर में भजन करे ।

कोई गंगा यमुना स्नान करे,

कोई काशी जाके ध्यान धरे ।

जिन मात पिता की सेवा की,

जिन मात पिता की सेवा की,

उन तीर्थ स्नान किओ ना किओ ॥


जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।

विवाह पंचमी के शुभ संयोग

विवाह पंचमी का त्योहार भगवान राम और माता सीता के विवाह के पावन अवसर के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन वैवाहिक जीवन में शांति के लिए भगवान राम और माता सीता की पूजा करते है।

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी(Meri Maa Ambe Durga Bhawani)

मेरी माँ अंबे दुर्गे भवानी,
किस जगह तेरा जलवा नहीं है,

ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)

वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है।

शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा (Shiv Puja Mai Mann Leen Rahe Mera)

शिव पूजा में मन लीन रहे,
मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा ।