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राधे ब्रज जन मन सुखकारी(Radhe Braj Jan Man Sukhakari)

राधे ब्रज जन मन सुखकारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम

मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल,

गल वैजयंती माला,

चरणन नुपर रसाल,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


सुन्दर वदन कमल-दल लोचन,

बांकी चितवन हारी,

मोहन वंशी विहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


वृन्दावन में धेनु चरावे,

गोपीजन मन हारी,

श्री गोवेर्धन धारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


राधा कृष्ण मिली अब दोऊ,

गौर रूप अवतारी,

कीर्तन धर्म प्रचारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥


तुम बिन मेरा और ना कोई,

नाम रूप अवतारी,

चरणन में बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम,

नारायण बलिहारी,

राधे श्याम श्यामा श्याम ॥

पौष माह के व्रत त्योहार

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष के बाद पौष का महीना आता है। ये हिंदू कैलेंडर का 10वां महीना होता है। पौष के महीने में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

प्रभुजी मोरे अवगुण चित ना धरो (Prabhuji More Avgun Chit Naa Dharo)

प्रभुजी मोरे/मेरे अवगुण चित ना धरो,
समदर्शी प्रभु नाम तिहारो,

तू टेढ़ा तेरी टेढ़ी रे नजरिया - भजन (Tu Tedha Teri Tedhi Re Najariya)

तू टेढ़ा तेरी टेढ़ी रे नजरिया,
मै सीधी मेरी सीधी रे डगरिया,

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