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राधे जय जय माधव दयिते (Radhe Jai Jai Madhav Dayite)

राधे जय जय माधव-दयिते

गोकुल-तरुणी-मंडल-महिते


दामोदर-रति-वर्धन-वेषे

हरि-निष्कुट-वृंदा-विपिनेशे


राधे जय जय माधव-दयिते

गोकुल-तरुणी-मंडल-महिते


वृषभानुदधि-नव-शशि-लेखे

ललिता-सखि गुण-रमित-विशाखे


राधे जय जय माधव-दयिते

गोकुल-तरुणी-मंडल-महिते


करुणां कुरु मयि करुणा-भरिते

सनक सनातन वर्णित चरिते


राधे जय जय माधव-दयिते

गोकुल-तरुणी-मंडल-महिते

मैया ओढ़ चुनरिया लाल, के बैठी कर सोलह श्रृंगार (Maiya Odh Chunariyan Lal Ke Bethi Kar Solha Shingar)

मैया ओढ़ चुनरिया लाल,
के बैठी कर सोलह श्रृंगार,

हे मुरलीधर छलिया मोहन (Hey Muralidhar Chhaliya Mohan)

हे मुरलीधर छलिया मोहन,
हम भी तुमको दिल दे बैठे,

होलाष्टक में करें इन देवी-देवताओं की पूजा

होलाष्टक का समय फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से पूर्णिमा (होलिका दहन) तक रहता है। यह अवधि अशुभ मानी जाती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते।

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे(Meri Jholi Chhoti Padgayi Re Itna Diya Meri Mata)

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे,
इतना दिया मेरी माता।

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