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राम तुम बड़े दयालु हो (Ram Tum Bade Dayalu Ho)

राम तुम बड़े दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


और ना कोई हमारा है,

मुझे इक तेरा सहारा है,

नईया डोल रही मेरी,

हरी जी तुम करो ना अब देरी ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


तेरा यश गाया वेदों ने,

पार नहीं पाया वेदों ने,

नेती नेती गाया वेदों ने ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


भले हैं बुरे हैं तेरे हैं,

तेरी माया के घेरे हैं,

फिर भी हम बालक तेरे हैं ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


सहारा भक्तों के हो आप,

मिटाते हो सब के संताप,

करें जो भक्ति भाव से जाप ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


तुम्हारा नाम मिले भगवन,

सुबह और शाम मिले भगवन,

भक्ति का दान मिले भगवन ।


राम तुम बड़ें दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


राम तुम बड़े दयालु हो,

नाथ तुम बड़े दयालु हो,

हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥


श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।

श्री राम, जय राम, जय जय राम ।


मां की हर बात निराली है(Maa Ki Har Baat Nirali Hai)

माँ की हर बात निराली है
श्लोक – पास की सुनती है,

वाक् देवी हे कलामयी हे सुबुद्धि सुकामिनी (Vak Devi He Kalamayee He Buddhi Sukamini)

वाक् देवी हे कलामयी
हे सुबुद्धि सुकामिनी

ब्रज की होली

होली भारत में रंगों का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, लेकिन जब ब्रज की होली की बात आती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मथुरा, वृंदावन, नंदगांव और बरसाना में यह पर्व अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम लीलाओं से जुड़े इस उत्सव में भक्ति, संगीत, नृत्य और उल्लास का अद्भुत मेल देखने को मिलता है।

मुझे चरणों से लगाले, मेरे श्याम मुरली वाले(Mujhe Charno Se Lagale Mere Shyam Murli Wale)

मुझे चरणों से लगाले,
मेरे श्याम मुरली वाले ।