ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें (Aisi Bhakti Mahadev De Do Hame)

ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,

रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,

जैसा भी आए ग़म जिंदगी में मगर,

दो वो शक्ति की मैं मुस्कुराता रहूं,

ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें,

रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥


तार ऐसा जुड़े जो ना टूटे कभी,

दुनिया रूठे मगर तू ना रूठे कभी,

जीते जी तेरी चौखट ना छूटे कभी,

जिंदगी भर अलख मैं जगाता रहूं,

ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,

रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥


हे दया आपकी जो ये दर्शन दिए,

इससे ज्यादा भला और क्या चाहिए,

तेरी झूठन के दो कोर मिलते रहे,

बोझ जो जिंदगी का उठाता रहूं,

ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,

रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥


तेरी लागि जो लौ वो कभी ना बुझे,

भूल से भी कभी ना मैं भूलूँ तुझे,

भोले ऐसा दीवाना बना दो मुझे,

जाने के बाद भी याद आता रहूं,

ऐसी भक्ति महादेव दे दों हमें,

रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥


ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे,

रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं,

जैसा भी आए ग़म जिंदगी में मगर,

दो वो शक्ति की मैं मुस्कुराता रहूं,

ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें,

रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥

........................................................................................................
राम भी मिलेंगे तुझे, श्याम भी मिलेंगे (Ram Bhi Milenge Tujhe Shyam Bhi Milenge)

राम भी मिलेंगे तुझे,
श्याम भी मिलेंगे,

कैसे करें एकादशी माता का श्रृंगार?

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान विष्णु और माता एकादशी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।

फागण को महीनो, लिख दीन्यो बाबा जी के नाम (Fagan Ko Mahino Likh Dino Baba Ji Ke Naam)

फागण को महीनो,
लिख दीन्यो बाबा जी के नाम,

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री(Meri Chunri Mein Pad Gayo Dag Ri)

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री,
कैसो चटक रंग डारो,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने