अयोध्या सज रही सारी, अवध में राम आये है (Ayodhya Saj Rahi Saari, Awadh Me Ram Aaye Hai)

खुशी सबको मिली भारी,

अवध में राम आये है,

अवध में राम आये है,

प्रभु श्री राम आये है,

सिया के राम आये है,

अयोध्या सज रही सारी,

अवध में राम आये है ॥


जले है दीप घर घर में,

मना उत्सव जगत भर में,

मिले दिल बेरुखी हारी,

अवध में राम आये है ॥


जगत के प्राणी जो सारे,

प्रभु श्री राम को प्यारे,

मगन है आज नर नारी,

अवध में राम आये है ॥


चली गई दुख भरी रैना,

दर्श को प्यासे के नैना,

सुबह आई है उजियारी,

अवध में राम आये है ॥


देवता फूल बरसाये,

पुजारी पूजा करवाये,

छवि ‘भूलन’ बड़ी प्यारी

अवध में राम आये है ॥


खुशी सबको मिली भारी,

अवध में राम आये है,

अवध में राम आये है,

प्रभु श्री राम आये है,

सिया के राम आये है,

अयोध्या सज रही सारी,

अवध में राम आये है ॥

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राम जन्मभूमि पर जाकर, जीत के दीप जलाएंगे (Ram Janmabhoomi Par Jakar Jeet Ke Deep Jalayenge)

राम जन्मभूमि पर जाकर,
जीत के दीप जलाएंगे,

तेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर (Tere Dwaar Khada Bhagawan Bhagat Bhar De Re Jholi)

तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भक्त भर दे रे झोली ।

भारत माता तेरा आँचल (Bharat Mata Tera Aanchal)

भारत माता तेरा आँचल,
हरा-भरा धानी-धानी ।

यशोदा जयंती पूजा विधि

सनातन हिंदू धर्म में, यशोदा जयंती, माता यशोदा के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। माता यशोदा को भगवान श्रीकृष्ण की माता के रूप में माना जाता है।

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