राम जन्मभूमि पर जाकर, जीत के दीप जलाएंगे (Ram Janmabhoomi Par Jakar Jeet Ke Deep Jalayenge)

राम जन्मभूमि पर जाकर,

जीत के दीप जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥


राम अयोध्या जब लौटे,

जले थे दीपक घर घर में,

सियाराम के जयकारे भी,

गूंज उठे थे अम्बर में,

जाके अयोध्या दिवाली में,

फुलझड़िया हम जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥


देश के कोने कोने से जब,

भक्तो की टोली आएगी,

उनकी भक्ति की शक्ति से,

ये दुनिया अब थर्राएगी,

जय श्री राम का झंडा अब तो,

हर घर में लहराएगा,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥


राम जन्मभूमि पर जाकर,

जीत के दीप जलाएंगे,

कलयुग के रावण अब भय से,

अपनी खैर मनाएंगे ॥

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मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है (Mujhe Tune Malik Bahut Kuch Diya Hai)

मुझे तूने मालिक,
बहुत कुछ दिया है ।

कितने साल तक रखना चाहिए एकादशी और प्रदोष व्रत

हिन्दू धर्म में एकादशी और प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। ये व्रत धार्मिक श्रद्धा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ के लिए किए जाते हैं।

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी (Door Nagari Badi Door Nagri)

दूर नगरी, बड़ी दूर नगरी
कैसे आऊं मैं कन्हैया,

मान अकबर का घटाया है (Maan Akbar Ka Ghataya Hain)

मां ज्वाला तेरी देवीय शक्ति, नमन करूं श्रीनायक।
मान भक्तों का बढ़ाया है रे, मान भक्तों का बढ़ाया है।

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