मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे (Main Radha Vallabh Ki, Radha Vallabh Mere)

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे


तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे

तुम सदा सदा से मेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे


हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे

हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे

हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे


हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे

हम दुख पाए बहुतेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे


अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे

हम सदा सदा से तेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे


जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद

जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद


जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद

जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद


मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे

मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे

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मौनी अमावस्या पर स्नान के शुभ मुहूर्त

माघ मास की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि इस दिन पितृ देवता धरती पर आते हैं और अपने वंशजों के द्वारा किए गए पिंडदान से प्रसन्न होते हैं।

काल भैरव के 108 मंत्र

मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव जयंती मनाई जाती है, जिसे कालभैरव अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन काशी के कोतवाल कहे जाने वाले भगवान काल भैरव की पूजा का विधान है।

राधे राधे कहिए लगदे नहीं रुपये(Radhe Radhe Kahiye Lagde Nahi Rupaiye )

राधे राधे कहिए
लगदे नहीं रुपये

मासिक जन्माष्टमी पर राशि अनुसार पूजा

हिंदू धर्म में हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव की पूजा की जाती है और इसे कालाष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

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