बजरंगबली मेरी नाव चली (Bajarangabali Meri Nav Chali)

बजरंगबली मेरी नाव चली,

करुना कर पार लगा देना ।

हे महावीरा हर लो पीरा,

सत्माराग मोहे दिखा देना ॥


दुखों के बादल गिर आयें,

लहरों मे हम डूबे जाएँ ।

हनुमत लाला, तू ही रखवाला,

दीनो को आज बचा लेना ॥

बजरंगबली मेरी नाव चली,

करुना कर पार लगा देना ।


सुख देवनहारा नाम तेरा,

पग पग पर सहारा नाम तेरा ।

भव भयहारी, हे हितकारी,

कष्टों से आज छुड़ा देना ॥

बजरंगबली मेरी नाव चली,

करुना कर पार लगा देना ।


हे अमरदेव, हे बलवंता,

तुझे पूजे मुनिवर सब संता ।

संकट हारना लागे शरणा,

श्री राम से मोहे मिला देना ॥

बजरंगबली मेरी नाव चली,

करुना कर पार लगा देना ।


बजरंगबली मेरी नाव चली,

करुना कर पार लगा देना ।

हे महावीरा हर लो पीरा,

सत्माराग मोहे दिखा देना ॥

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दिसंबर माह के प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। भगवान शिव की साधना करने वाले साधक को पृथ्वी लोक के सभी सुख प्राप्त होते हैं और मृत्यु उपरांत उच्च लोक में स्थान मिलता है।

मैं हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है (Main Haar Gaya Jag Se Ab Tumko Pukara Hai)

मैं हार गया जग से,
अब तुमको पुकारा है,

हर कदम पे तुम्हे होगा आभास सांवरे का (Har Kadam Pe Tumhe Hoga Aabhash Saware Ka)

हर कदम पे तुम्हे होगा,
आभास सांवरे का,

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