साँवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठाणी है(Sanwariyo Hai Seth Mhari Radha Ji Sethani Hai)

साँवरियो है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

साँवरियों है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥


राजाओं के राजा,

महारानी की रानी,

सिरमौर मुकुट साझे,

जोड़ी बड़ी प्यारी,

दरबार है प्यारा,

राधा के संग साझे,

सुने पलने सेठ,

सुने पलने सेठ,

सुने पलने सेठाणी है,

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥


सांवरियां राधा जी,

भक्ता पे है राजी,

करे घणो लाड है,

भंडार लुटावे है,

हर बात बणावे है,

भक्ता रा ठाट है,

देवे छप्पर फाड़,

देवे छप्पर फाड़,

नही इनसो कोई दानी है,

ये जाने दुनिया सारी है ॥


सुख दुख मे साँवरियो,

सुख दुख मे राधा जी,

सदा तेरे साथ है,

मेरी चिंता दुर करे,

मेरी विपदा दुर करे,

रख लेवे बात है,

भक्ता रो तो काम,

भक्ता रो तो काम,

बस एक हाजरी लगाणि है,

ये जाने दुनिया सारी है ॥


साँवरियो है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

साँवरियों है सेठ,

म्हारी राधा जी सेठाणी है,

ये तो जाने दुनिया सारी है ॥

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धनतेरस पूजा विधि

धनतेरस का नाम धन और तेरस ये दो शब्दों से बना है जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ है पंचांग की तेरहवीं तिथि। यह त्योहार खुशहाली, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

स्कंद षष्ठी पारण विधि

हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का पर्व मनाया जाता है। स्कंद देव यानी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा की जाती हैं।

षटतिला एकादशी में तुलसी का महत्व

हिंदू धर्म में पूरे साल में आने वाली सभी 24 एकादशियों में से प्रत्येक को विशेष माना जाता है। उन्हीं में से एक षटतिला एकादशी है। माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को ही षटतिला एकादशी कहते हैं।

जरा चलके अयोध्या जी में देखों (Jara Chalke Ayodhya Ji Me Dekho)

जरा चल के अयोध्या जी में देखो,
राम सरयू नहाते मिलेंगे ॥

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