भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए(Bhabhuti Ramaye Baba Bholenath Aaye)

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए,

भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,

भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए ।


सखी एक बोली मैया बाहर पधारो ,

आयो एक बाबो दिखे बड़ो मतवारो,

भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए..॥


भरी थार कंचन को मैया सिधारी,

नमन करीके मैया वचन उचारी,

आशीष दीजै बाबा सुखी भये मुरारी ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए..॥


बोले भोले बाबा मैया आशीष लीजै,

किन्तु एक हेतु मैया सिद्ध करीजै,

लायी के लाल मैया हाथ धरीजै ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए...॥


भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए,

भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,

भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए ।

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हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना (Hari Ji Meri Lagi Lagan Mat Todna)

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना,
लाला* जी! मेरी लागी लगन मत तोडना,

खरमास की कथा

सनातन धर्म में खरमास को विशेष महत्व बताया गया है। यह एक ऐसा समय होता है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में रहते हैं जिसमें मांगलिक कार्य पर रोक रहती है। इस साल खरमास रविवार, 15 दिसंबर 2024 से शुरू हो रहा है जो 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा।

ओ सांवरे हमको तेरा सहारा है (O Sanware Humko Tera Sahara Hai)

ओ सांवरे हमको तेरा सहारा है,
तेरी रहमतो से चलता,

भगवान कार्तिकेय के प्रमुख मंदिर

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक चंद्र मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ था। इसलिए भक्त हर महीने इस तिथि को उनका जन्मोत्सव मनाते हैं।

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