भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए(Bhabhuti Ramaye Baba Bholenath Aaye)

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए,

भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,

भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए ।


सखी एक बोली मैया बाहर पधारो ,

आयो एक बाबो दिखे बड़ो मतवारो,

भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए..॥


भरी थार कंचन को मैया सिधारी,

नमन करीके मैया वचन उचारी,

आशीष दीजै बाबा सुखी भये मुरारी ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए..॥


बोले भोले बाबा मैया आशीष लीजै,

किन्तु एक हेतु मैया सिद्ध करीजै,

लायी के लाल मैया हाथ धरीजै ।

॥ भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए...॥


भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए,

भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए,

भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए ।

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रानी सती आज मेरे घर आई(Rani Sati Aaj Mere Ghar Aayi)

रानी सती आज मेरे घर आई,
घर आई माँ घर आई,

भज गोविन्दम्, भज गोविन्दम् - भजन (Bhaja Govindam, Bhaja Govindam)

भज गोविन्दम् भज गोविन्दम्,
गोविन्दं भज मूढ़मते।

मासिक जन्माष्टमी पर पूजन

सनातन हिंदू धर्म में, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इससे साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

गजानंद वन्दन करते है (Gajanand Vandan Karte Hain)

गजानंद वंदन करते है ॥
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