भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना(Bhagwan Meri Naiya Us Par Gaga Dena)

भगवान मेरी नैया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥


हम दीन दुखी निर्बल,

नित नाम रहे प्रतिपल,

यह सोच दरश दोगे,

प्रभु आज नही तो कल,

जो बाग़ लगाया है,

फूलों से सजा देना,

भगवान मेरी नईया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥


तुम शांति सुधाकर हो,

तुम ज्ञान दिवाकर हो,

मम हँस चुगे मोती,

तुम मान सरोवर हो,

दो बूंद सुधारस की,

हमको भी पिला देना,

भगवान मेरी नईया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥


रोकोगे भला कबतक,

दर्शन को मुझे तुमसे,

चरणों से लिपट जाऊं,

वृक्षों से लता जैसे,

अब द्वार खड़ी तेरे,

मुझे राह दिखा देना,

भगवान मेरी नईया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥


मजधार पड़ी नैया,

डगमग डोले भव में,

आओ त्रिशला नंदन,

हम ध्यान धरे मन में,

अब ‘तनवर’ करे विनती,

मुझे अपना बना लेना,

भगवान मेरी नईया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥


भगवान मेरी नैया,

उस पार लगा देना,

अब तक तो निभाया है,

आगे भी निभा देना ॥

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नए ऑफिस की पूजा विधि

नया ऑफिस हर व्यवसाय और व्यक्ति के लिए एक बड़ा कदम होता है। जब कोई नया ऑफिस खोलता है, तो वह निश्चित रूप से चाहता है कि उसका व्यापार फले-फूले और उसे अधिक लाभ मिले। हिंदू धर्म में मान्यता है कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना शुभ होता है।

साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम(Sanso Ki Mala Pe Simru Main Pee Ka Naam)

साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम,
अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम,

राम भी मिलेंगे तुझे, श्याम भी मिलेंगे (Ram Bhi Milenge Tujhe Shyam Bhi Milenge)

राम भी मिलेंगे तुझे,
श्याम भी मिलेंगे,

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