भगवा रंग चढ़ा है ऐसा, और रंग ना भाएगा (Bhagwa Rang Chadha Hai Aisa Aur Rang Na Bhayega)

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा,

और रंग ना भाएगा,

जय श्री राम के नाम का नारा,

घर घर से अब आएगा,

अयोध्या की नगरी में अब,

केसरिया लहराएगा,

केसरिया केसरिया म्हारो,

केसरिया केसरिया ॥


मात्र भूमि के कण कण पर अब,

राम नाम लिखा जाएगा,

भारत माता हर्ष रही है,

श्री राम घर आएगा,

अयोध्या की नगरी में अब,

केसरिया लहराएगा,

केसरिया केसरिया म्हारो,

केसरिया केसरिया ॥


हनुमत को रंग ऐसा चढ़ा है,

राम नाम गुण गाएगा श्री,

राम की जन्मभूमि पर,

स्वर्ण मंदिर बन जाएगा,

अयोध्या की नगरी में अब,

केसरिया लहराएगा,

केसरिया केसरिया म्हारो,

केसरिया केसरिया ॥


दासमोहन श्री राम की,

माला जपते ही आएगा,

विजय राव ओर सुनीता को,

भगवा रंग चढ़ जाएगा,

अयोध्या की नगरी में अब,

केसरिया लहराएगा,

केसरिया केसरिया म्हारो,

केसरिया केसरिया ॥


भगवा रंग चढ़ा है ऐसा,

और रंग ना भाएगा,

जय श्री राम के नाम का नारा,

घर घर से अब आएगा,

अयोध्या की नगरी में अब,

केसरिया लहराएगा,

केसरिया केसरिया म्हारो,

केसरिया केसरिया ॥


........................................................................................................
हे आर्य पुत्रों, हे राम भक्तों तुम्हे अयोध्या बुला रही है (Hey Arya Putro, Hey Ram Bhakto, Tumhe Ayodhya Bula Rahi Hai)

हे आर्य पुत्रों, हे राम भक्तों
तुम्हे अयोध्या बुला रही है ।

गोवर्धन पूजा 2024 तिथि: कब है गोवर्धन पूजा? जानें महत्व, शुरुआत और पौराणिक कथा

दीपोत्सव दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव का प्रमुख त्योहार गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को आता है।

गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन केले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि मान्यता है कि इस पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है।

राम लक्ष्मण के संग जानकी, जय बोलो हनुमान की (Ram Lakshman Ke Sang Janki)

राम लक्ष्मण के संग जानकी,
जय बोलो हनुमान की,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।