भक्तों के घर कभी, आजा शेरावाली (Bhakton Ke Ghar Kabhi Aaja Sherawali)

भक्तों के घर कभी,

आजा शेरावाली,

कुटिया का मान,

बढ़ा जा शेरावाली,

भक्तो के घर कभी,

आजा शेरावाली ॥


पलकों के आसन पे,

तुझको बिठाएंगे,

हलवा पूड़ी का मैया,

भोग लगाएंगे,

भाव का ये भोग,

लगा जा शेरावाली,

भक्तो के घर कभी,

आजा शेरावाली ॥


इन अखियों को बस,

मैया तेरी आस है,

आएगी जरूर माता,

रानी विश्वास है,

भक्तो की आस,

पूरा जा शेरावाली,

भक्तो के घर कभी,

आजा शेरावाली ॥


आजा आजा मैया,

तेरा लाड लड़ाएंगे,

‘सौरभ मधुकर’ संग,

भजन सुनाएंगे,

रिश्ता ये प्रेम का,

निभा जा शेरावाली,

भक्तो के घर कभी,

आजा शेरावाली ॥


भक्तों के घर कभी,

आजा शेरावाली,

कुटिया का मान,

बढ़ा जा शेरावाली,

भक्तो के घर कभी,

आजा शेरावाली ॥

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मां ज्वाला देवी की कथा

मां भगवती के 51 शक्तिपीठों में से एक, ज्वालामुखी मंदिर, अपनी अनूठी विशेषता के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'जोता वाली मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सती के शरीर के टुकड़े जहां-जहां गिरे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हुए।

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देखो शिव की बारात चली है (Dekho Shiv Ki Barat Chali Hai)

देखो शिव की बारात चली है,
भोले शिव की बारात चली है,

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