बोलो राम! मन में राम बसा ले (Bolo Ram Man Me Ram Basa Le Bhajan)

बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम
जन्म सफल होगा बन्दे,
मन में राम बसा ले,
भोले राम, आजा राम, भोले राम

हे राम नाम के मोती को,
सांसो की माला बना ले,
मन में राम बसा ले,

राम पतित पवन करुनाकर,
और सदा सुख दाता,
भोले राम, आजा राम, भोले राम

सरस सुहावन अति मनभावन,
राम से प्रीत लगा ले,
मन में राम बसा ले,
भोले राम, आजा राम, भोले राम

मोह माया है झूटा बन्धन,
त्याग उसे तू प्राणी,
राम नाम की ज्योत जला कर,
अपना भाग जगा ले,
मन में राम बसा ले

राम भजन में डूब के अपनी,
निर्मल कर ले काया,
राम नाम से प्रीत लगा के,
जीवन पार लगा ले,
मन में राम बसा ले,

बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम
जन्म सफल होगा बन्दे,
मन में राम बसा ले,
भोले राम, आजा राम, भोले राम,

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दर बालाजी के अर्जी लगाले (Dar Balaji Ke Arji Laga Le)

दर बालाजी के अर्जी लगाले,
आज श्रद्धा से तू बाबा को मनाले,

प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है?

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। दरअसल, यह व्रत देवाधिदेव महादेव शिव को ही समर्पित है। प्रदोष व्रत हर माह में दो बार, शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है।

तिलकुट चौथ की पूजा सामग्री

सकट चौथ व्रत मुख्यतः संतान की लंबी उम्र, उनके अच्छे स्वास्थ्य और तरक्की की कामना के लिए रखा जाता है। इस पर्व को गौरी पुत्र भगवान गणेश और माता सकट को समर्पित किया गया है। इसे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे:- तिलकुट चौथ, वक्र-तुण्डि चतुर्थी और माघी चौथ।

शनि त्रयोदशी की भोग सामग्री

शनि त्रयोदशी का पर्व शनि देव की पूजा और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए बेहद खास होता है। इस दिन सही तरीके से पूजा करने और खास भोग अर्पित करने से शनि ग्रह के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिल सकती है।

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