दादी झुंझुनू बुलाए, मेरा मन हर्षाये (Dadi Jhunjhunu Bulaye Mera Man Harshaye)

दादी झुंझुनू बुलाए,

मेरा मन हर्षाये,

माँ सब पर प्यार लुटाए,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

दादी ने बुलाया है ॥


झुंझुनू वाली तेरी शान निराली है,

अपने भक्तों की करती रखवाली है,

चलो चले मिल सब प्यार से,

दादी जी के द्वार पे,

चलो धोक लगाएं,

चलो दर्शन पाए,

माँ सब पर प्यार लुटाए,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

दादी ने बुलाया है ॥


सिर पर चुनर तारों वाली सोहे हैं,

दमदम मुखड़ा सबके मन को मोहे हैं,

गल मोतियन के हार हैं,

पग पायल की झंकार है,

माथे बिंदिया लगाए,

हाथ चुड़ा सजाए,

माँ सब पर प्यार लुटाए,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

दादी ने बुलाया है ॥


दादी झुंझुनू बुलाए,

मेरा मन हर्षाये,

माँ सब पर प्यार लुटाए,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

संदेशा आया है,

दादी ने बुलाया है ॥


........................................................................................................
मुकुन्द माधव गोविन्द बोल (Mukund Madhav Govind Bol)

मुकुट सिर मोर का,
मेरे चित चोर का ।

किस दिन है चंपा षष्ठी का व्रत

चंपा षष्ठी का पर्व भारत के प्राचीन त्योहारों में से एक है, जो विशेष रूप से भगवान शिव के खंडोबा स्वरूप और भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए समर्पित है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह व्रत मनाया जाता है।

जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा(Jindagi Me Hajaro Ka Mela Juda)

जिंदगी में हजारों का मेला जुड़ा,
हंस जब-जब उड़ा तब अकेला उड़ा ।

न मैं धान धरती न धन चाहता हूँ: कामना (Na Dhan Dharti Na Dhan Chahata Hun: Kamana)

न मैं धान धरती न धन चाहता हूँ ।
कृपा का तेरी एक कण चाहता हूँ ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने