ध्यानु की तरह अम्बे, मेरा नाम अमर कर दो (Dhyanu Ki Tarah Ambe Mera Naam Amar Kardo)

ध्यानु की तरह अम्बे,

मेरा नाम अमर कर दो,

चरणों में मिट जाऊं,

भक्ति की नजर कर दो,

ध्यानु की तरह अम्बें,

मेरा नाम अमर कर दो ॥


चोला बसंती माँ,

पहना है लिए मस्ती,

सर प्रेम के बाने में,

लाली है तेरी हस्ती,

झंकार के छैनों की,

इस मन को संवर कर दो,

ध्यानु की तरह अम्बें,

मेरा नाम अमर कर दो ॥


मंगलमय शुभ ज्योति,

मन मंदिर में जागी,

तेरा पंथ निराला है,

मोहे सांची लगन लागी,

गुण गान करे वाणी,

स्वासों में असर कर दो,

ध्यानु की तरह अम्बें,

मेरा नाम अमर कर दो ॥


माता और बेटे का,

रिश्ता ये पुराना है,

ममता में बंधती वो,

मैंने तो ये जाना है,

रहमत की निगाहें माँ,

इक बार अगर कर दो,

ध्यानु की तरह अम्बें,

मेरा नाम अमर कर दो ॥


ध्यानु की तरह अम्बे,

मेरा नाम अमर कर दो,

चरणों में मिट जाऊं,

भक्ति की नजर कर दो,

ध्यानु की तरह अम्बें,

मेरा नाम अमर कर दो ॥

........................................................................................................
कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण (Kabhi Bhoolun Na Radha Raman Mere)

कभी भूलू ना कभी भूलू ना
कभी भूलू ना याद तुम्हारी

जल देवता की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं के एक विशेष स्थान और महत्व है। सभी देवी-देवताओं की पूजा भी विशेष रूप से करने का विधान हैं। वहीं देवी-देवताओं के साथ-साथ पंचतत्व की पूजा-अर्चना भी विशेष रूप की जाती है।

लक्ष्मी जयंती की मुहूर्त और तिथि

लक्ष्मी जयंती को मां लक्ष्मी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिथि पर मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था।

पौष में सूर्यदेव की पूजा क्यों होती है

पौष मास हिंदू पंचांग का दसवां महीना है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना गया है। यह महीना 13 जनवरी तक रहेगा, जिसके बाद माघ महीने की शुरुआत होगी।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने