एक तमन्ना माँ है मेरी(Ek Tamanna Ma Hai Meri)

एक तमन्ना माँ है मेरी,

दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥


रोज सवेरे उठ कर मैया,

तुझको शीश नवाउँ मैं,

प्रेम भाव से भांति भांति का,

नित श्रृंगार सजाउँ मैं,

हाथो से आरती उतारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥


इस तन से जो काम करूँ मैं,

सब कुछ तुझको अर्पित हो,

खाऊं जो प्रशाद हो तेरा,

पीऊं वो चरणामृत हो,

आँखों से दर्शन तुम्हारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥


‘बिन्नू’ की विनती माँ तुमसे,

इतनी किरपा कर देना,

चरणों की सेवा मिल जाए,

इससे बढ़कर क्या लेना,

असुवन से इनको पखारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥


एक तमन्ना माँ है मेरी,

दिल में बसा लूँ सूरत तेरी,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

हर पल उसी को निहारा करूँ,

मैया मैया मुख से उचारा करूँ ॥

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मैया आरासुरी करजो आशा पूरी (Maiya Aarasuri Kar Jo Aasha Puri)

मैया आरासुरी करजो आशा पूरी म्हारी अम्बे,
हूँ तो विनती करूँ जगदम्बे,

लागी लगन शंकरा - शिव भजन (Laagi Lagan Shankara)

भोले बाबा तेरी क्या ही बात है,
भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है,

श्री विन्धेश्वरी चालीसा (Shri Vindheshwari Chalisa)

नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब ।
सन्तजनों के काज में, करती नहीं विलम्ब ॥

प्रदोष व्रत और इसके प्रकार

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और प्रत्येक वार पर आने वाले प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व और फल है।

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