गौरी नंदन थारो अभिनंदन, करे सारो परिवार (Gauri Nandan Tharo Abhinandan Kare Saro Parivar)

गौरी नंदन थारो अभिनंदन,

करे सारो परिवार,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥


बल और बुद्धि को तो,

थारो भंडार है,

तीनो लोक में पहलो,

थारो अधिकार है,

थारी पूजा सबसे पहले,

करे सारो संसार,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥


विघ्न विनाशक सारी,

विपदा मिटाओ,

रिद्धि सिद्धि सागे लेकर,

म्हारे घरा आओ,

काम कोई भी करने से पहले,

पड़े थारी दरकार,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥


चंदन की चौकी पर म्हे,

थाने बिठावा,

तिलक लगावा ‘भक्ता’,

हार पहनावा,

मोदक लड्डूवा को भोग लगावा,

कर लीजो स्वीकार,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥


गौरी नंदन थारो अभिनंदन,

करे सारो परिवार,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो,

गजानन आन पधारो,

लड़ावा लाड़ मैं थारो ॥

........................................................................................................
हरियाली तीज: शिव-पार्वती से सीखें रिश्ते सहेजना

शिव और पार्वती की प्रेम कहानी एक अनोखी और प्यारी कहानी है, जो हमें रिश्तों के मायने सिखाती है। यह कहानी हमें बताती है कि प्यार और सम्मान से भरे रिश्ते को कैसे बनाए रखा जा सकता है। हरियाली तीज का पर्व शिव और पार्वती के प्रेम की याद दिलाता है।

छठी माई के घटिया पे (Chhati Mai Ke Ghatiya Pe)

छठी माई के घटिया पे,
आजन बाजन,

बनाएगा मेरी बिगड़ी, मेरा भोला शंकर: भजन (Banayega Meri Bigadi Bhola Shankar)

तेरी दया तेरा साया,
सदा रहता मुझ पर,

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले, ऐसी चिलम पिला देना (Bholenath Mere Marne Se Pahle Aisi Chilam Pila Dena)

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले,
ऐसी चिलम पिला देना,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने